HELLO CHANDA NEWS
चंद्रपूर,(वि.प्र.) – श्रीराम कथाकार राजन महाराज ने अपनी मधुर वाणियों द्वारा तीसरे दिन श्री रामजन्म प्रसंग पर रसपान करवाया। शंकर ने खुद लिखी है श्रीराम कहानी, चार घाट इसमें वक्ता है चार ज्ञानी-भजन से प्रारंभ हुए श्रीराम कथा में राजन महाराज बताते हैं कि रामजी ब्रह्म हैं। इसपर पार्वती माँ ने शिवशंकर से पूछा कि ब्रह्म अजन्मा होता है। फिर भी जन्म लेकर आंगन में कैसे खेलेंगे ? मुझे बताइए। मैं आपसे विवाद नहीं सवांद करना चाहती हूँ। वे निराकार से साकार कैसे हो गए। इस पर भगवान शंकर ने 48 मिनट तक ध्यान में रहें। बाद में बताया कि भगवान का कोई आकार नहीं है, वे निराकार हैं। भक्त जिस रूप में याद करते हैं, भगवान उसी रूप में साकार हो जाते हैं।
भगवान से एक मात्र मिलने का साधन प्रेम है। ज्ञान से भगवान मिलते तो केवट और माता सबरी से भगवान नहीं मिलते। ज्ञान होगा तो आप भगवान के पीछे दौड़ेंगे जबकि प्रेम होगा तो भगवान आपके पीछे आएंगे।
राजन महाराज श्रद्धालुओं को बताते है कि पार्वती माँ ने शंकर भगवान से राम कथा सुनने की जिज्ञासा जताई तब भगवान शंकर ने कहा कि रामकथा पूछकर मेरे ऊपर उपकार की है देवी। मेरी जटा से निकली गंगा सिर्फ गौमुख से गंगासागर तक गई है। जबकि राम कथा उन सभी देशों, जगहों और धरती पर सुनी जाती हैं जहाँ जहाँ श्रद्धालुओं रहते हैं।
जिन कान में राम कथा का श्रवण न हो, वह कान सांप के बिल के समान है। आँख वो जो भगवान का दर्शन किया करें। जिस मनुष्य का जिव्हा भगवान का सुमिरण नहीं करें वो जिव्हा मेढ़क के जिव्या के समान है, जो टरटराने का काम करता हैं।
जीवन की कली क्षणभंगुर है। प्रभुगान कर लीजिए।क्या पता रहें या ना रहें। मनुष्य का तीन अवस्था होते हैं। बचपन, जवानी और बुढ़ापा। बचपन और जवानी समय के साथ छोड़कर चली जाती है, जबकि बुढ़ापा छोड़कर नहीं, लेकर जाती है।
जब पाप, दुराचार, अति बढ़ जाता है तो उससे मुक्ति दिलवाने के लिए भगवान धरती पर अवतार लेते हैं। श्रीराम जन्म लेने के लिए अनेकों कारण है। नारद जी द्वारा कामदेव पर विजय प्राप्त होने के बाद नारद जी के अंदर आये घमंड को समाप्त करने के लिए बसाई गई माया नगरी और शाप, राजा मनु और शतरुपा की तपस्या के बाद दिया गया वरदान सहित कई कारण है जिनके कारण धरती पर श्रीराम का अवतरण हुआ।
श्रीराम कथा सेवा समिति का आयोजन.
श्रीराम कथा सेवा समिति द्वारा कराया जा रहा संगीतमय भव्य राम कथा आयोजन का प्रेरणास्थान नागपुर रोड स्थित श्री लखमापुर हनुमान मंदिर देवस्थान है। चन्द्रपुर जिले सहित दूसरे-दूसरे जिले के हजारों श्रद्धालुओं श्रीराम कथा सुनने आ रहे हैं। उदघोषक उमाशंकर सिंह ने मुख्य यजमान, यजमान व अन्य प्रतिष्ठितों को मंच पर बुलाकर सम्मानित करवाया।

*हॅलो चांदा न्यूज, मुख्य संपादक:-शशि,ठक्कर,9881277793,9860030082*
*कार्यकारी संपादक:- शशिकांत मोकाशे,* *उपसंपादक:- विनोद शर्मा,9422168069*
*बातम्या व जाहिरात करिता संपर्क:*✍🏻
*Gmail 📨⬆️⏬*
*shashithakkar2409@gmail.com*
*9860030082*
विशेष, प्रतिनिधी.कामताकुमार सिंह.






















