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Home चंद्रपूर *भगवान के कथा सुनने से भयमुक्त हो जाता है आदमी*

*भगवान के कथा सुनने से भयमुक्त हो जाता है आदमी*

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*भव्य सुंदर कांड पाठ का हुआ आयोजन*

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चंद्रपुर /दुर्गापुर- श्रीलखमापुर हनुमान मंदिर सेवा समिति तथा श्रीजलाराम सेवा मंडल चंद्रपुर के संयुक्त तत्वावधान में श्रीलखमापुर मंदिर में हो रहा श्रीराम कथा का शुक्रवार को सप्तम दिन था। कथाकार नरेशभाई राज्यगुरु ने कहा कि भगवान की महिमा अपरंपार है। मात्र उनकी कथा सुनकर आदमी भय मुक्त हो जाता है। सात चिरंजीवों के सूचि में हनुमान जी का नाम शामिल है।

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राज्यगुरु महाराज ने बताया कि स्वरूप, स्वभाव और सामर्थ्य जहाँ तीनों एक साथ मिलें, वह ब्रह्म है। राजा जनक ने अवधेश से पूछा कि हमारी चारों कन्याओं की शादी आपके चारों पुत्रों से किया जाए? राजा दशरथ कहते हैं कि दान करने वाला बड़ा होता है जबकि लेने वाला छोटा, जो आपकी इच्छा है वह मेरी इच्छा होगी। राज्यगुरु ने कहा कि सीताराम का विवाह लग्न का कार्य छह महीने तक चला। विवाह बाद राजा जनक ने जब चारों बेटियों को विदाई कर रहे थे तब बेहद भावुक करुणामय प्रसंग हो गया था।

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कथाकार कहते है कि एक बेटी की शादी करने से सौ अश्वमेघ यज्ञ के बराबर पुण्य प्राप्त होता है। बेटी पिता को कुछ गलत कार्य देखकर डाँटती है तब वह माँ बन जाती है, तो कभी बहन बन जाती है।
अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष चार पुरुषार्थ होते हैं। सकाम और निष्काम दो प्रकार के काम होता है। शादी के समय दामाद नारायण बन जाते हैं जबकि बेटी लक्ष्मी बन जाती हैं। बेटा जन्म लेता है तो पिता को स्वर्ग देता है जबकि बेटी जन्म लेती है तो स्वर्ग पिता के घर में आ जाता है। गृहस्थाश्रम में जाने पर महादेव की आराधना करना चाहिए। नंदी धर्म के प्रतीक है जबकि कच्छप संयम के प्रतीक है। जैसा संग वैसा रंग होता है। सुदामा को कृष्ण का संग मिला तो सुदामा का उद्धार हो गया। कैकयी को मंथरा का संग मिला तो स्वयं को नुकसान करा लिया और भगवान राम को भी जंगल भिजवा दिया।

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कथाकार राज्यगुरु ने कहा कि कान का कच्चा हुआ तब भगवान को वन जाना पड़ा। कुमति का वायरस से भरा मंथरा के स्पर्श होते ही कैकयी के अंदर कुमति प्रवेश कर गई। उसके बाद पिता राजा दशरथ के वचन पूरा करने के लिये श्रीराम खुशी खुशी 14 वर्ष के लिए वनवास चले जाते हैं। वन जाने से पहले कौशल्या बेटे राम को वन जाने से मना करती है तो प्रभू श्रीराम बहुत ही प्यारा तर्क देते है कि भाई भरत अयोध्या का गद्दी संभालेंगे और मैं जंगल का राजा बनूँगा।

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भरत मिलाप का सुन्दर झाँकी
इस अवसर पर राम सीता और भरत की झांकी निकाली जाएगी। राम कथा भव्य मंडप में श्रीलखमापुर हनुमान मंदिर टीम द्वारा भव्य सुंदर कांड पाठ किया।

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*किशोर जोरगेवार ने भेंट दी*
रामकथा स्थल पर विधायक किशोर जोरगेवार पहुंचे जहाँ उन्हें स्वागत किया गया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि चार गेट और 5 खिड़की वाला चंदपुर नगर के हम सब नागरिक है। उन्होंने कथाकार द्वारा कहा गया उस बात को दोहराया कि जीवन के अंतिम समय भी महोत्सव के रूप में मनाना चाहिए।

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24 दिसंबर को सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक श्रीराम कथा होगा। उसके बाद 1 बजे से भव्य महाप्रसाद का आयोजन होगा।

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संपादक :- शशि ठक्कर , 9881277793
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