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भारतीय गणतंत्र दिवस मनाना : हमारे संविधान का सम्मान करना और अपनी जिम्मेदारियों को स्वीकार करना यही हमारा कर्तव्य है: सय्यद रमजान अली.
*चंद्रपूर*
चंद्रपूर(वि.प्र.):के.जी.एन. स्कूल मे गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया.
26 जनवरी गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर साप्ताहिक कलम मागे इन्साफ के मुख्य संपादक सय्यद रमजान अली के हाथों ध्वजारोहण कार्यक्रम संपन्न हुआ।
गणतंत्र दिवस के इस शुभ अवसर पर सर्वप्रथम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और डॉ.बाबासाहेब आंबेडकर इनकी प्रतिमा को के.जी. एन. स्कूल के संचालक महमूद सर और सय्यद रमजान अली ने सर्वप्रथम माल्यार्पण किया तत्पश्चात ध्वजारोहण कार्यक्रम संपन्न हुआ।
इस शुभ अवसर पर के.जी.एन. स्कूल के डायरेक्टर महमूद सर, समाजसेवक अशोक आक्केवार, फय्याज सर, स्कूल प्रिंसिपल सुजाता करमनकर, सह अनेक मान्यवर सह विद्यार्थियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।
गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम के प्रस्ताविक में संस्था के संचालक महमूद सर ने कहा कि समूचे भारत में गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है 26 जनवरी 1950 से संविधान हमारे देश में लागू हुआ और हमारे मूलभूत अधिकारों की हमें जानकारी मिली हमारा देश सर्वधर्म समभाव को मानने वाला देश है हमें हर एक की भावनाओं की कदर करना चाहिए और संविधान के अनुसार जीवनयापन करना चाहिए 26 जनवरी यह हमारे लिए एक त्यौहार की तरह है और हमें इसे पूरी श्रद्धा और निष्ठा के साथ बनाना चाहिए ऐसा कहते हुए उन्होंने अपने शब्दों को विराम दिया।
केजीएन स्कूल की प्रिंसिपल सुजाता करमनकर ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखते हुए सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी। गणतंत्र दिवस के इस शुभ अवसर पर कलम मांगे इन्साफ के मुख्य संपादक सय्यद रमज़ान अली ने कहा कि
भारतीय गणतंत्र दिवस मनाना हमारे संविधान का सम्मान करना और अपनी जिम्मेदारियों को स्वीकार करना यही हमारा कर्तव्य है। हर साल 26 जनवरी को, भारत गणतंत्र दिवस मनाता है, यह एक महत्वपूर्ण अवसर है जो 1950 के उस दिन को याद दिलाता है जब भारत का संविधान लागू हुआ था। यह दिन न केवल हमारी लोकतांत्रिक विरासत का उत्सव है बल्कि एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य के नागरिक के रूप में हमारी जिम्मेदारियों की याद भी दिलाता है। गणतंत्र दिवस भारतीय संविधान को पूरे दिलसे अपनाने की याद दिलाता है, यही एक दस्तावेज़ है जो हमारे लोकतंत्र की नींव के रूप में कार्य करता है। डॉ. बी.आर. अंबेडकर और संविधान सभा द्वारा तैयार किया गया यह संविधान न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के सिद्धांतों का प्रतीक है। इसने स्वशासन और कानून के शासन के प्रति भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए भारत सरकार अधिनियम (1935) को इसने प्रतिस्थापित कर दिया। गणतंत्र दिवस पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।
और उन्होंने ये भी बताया कि गणतंत्र दिवस का मुख्य कार्यक्रम राजपथ, नई दिल्ली में आयोजित किया जाता है। यह परेड भारत की सांस्कृतिक विविधता, सैन्य शक्ति और तकनीकी प्रगति को प्रदर्शित करती है। यह गर्व, एकता और इस पर चिंतन का दिन है कि एक राष्ट्र के रूप में हम कितना आगे आ गए हैं।आगे उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस प्रत्येक भारतीय के लिए राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को प्रतिबिंबित करने का आह्वान भी है। नागरिकों के रूप में, हम सक्रिय भागीदारी, जागरूकता और जिम्मेदारी के माध्यम से अपने देश के भविष्य को आकार देने की शक्ति रखते हैं। जिन पर आपको विचार करना चाहिए संविधान को समझना और उसका सम्मान करना हमारे लिए सर्वोपरि है। यह हमारे मौलिक अधिकारों की गारंटी देता है और हमारे कर्तव्यों को रेखांकित करता है। नागरिकों के रूप में, हमें इसके सिद्धांतों का सम्मान करना चाहिए और एक न्यायपूर्ण और न्यायसंगत समाज को बढ़ावा देने का प्रयास करना चाहिए।एक जागरूक और जिम्मेदार मतदाता एक संपन्न लोकतंत्र की आधारशिला है। भारत की ताकत उसकी विविधता में निहित है। नागरिकों के रूप में, सभी धर्मों, संस्कृतियों और समुदायों के लिए सद्भाव और सम्मान को बढ़ावा देना हमारा कर्तव्य है। विविधता में एकता सिर्फ एक आदर्श वाक्य नहीं बल्कि जीवन जीने का एक तरीका है जो देश को मजबूत करता है।ऐसा कहते हुए उन्होंने ये भी कहा कि युवा पीढ़ी में देशभक्ति, नागरिक जिम्मेदारी और सामाजिक जागरूकता के मूल्यों को स्थापित करना महत्वपूर्ण है।
गणतंत्र दिवस यह सोचने का समय है कि भारतीय नागरिक होने का क्या मतलब है। आइए हम अपने राष्ट्र की उपलब्धियों का जश्न मनाते हुए अपने कर्तव्यों को भी ईमानदारी से पूरा करने का संकल्प लें। क्योंकि लोकतंत्र तब ही फलता-फूलता है जब नागरिक अपनी जिम्मेदारियों के प्रति उतने ही प्रतिबद्ध होते हैं जितने अपने अधिकारों के प्रति।ऐसा कहते हुए उन्होंने कहा कि
गणतंत्र दिवस कैलेंडर की एक तारीख से भी काफी अधिक है; क्योंकि यह हर एक भारतीय की पहचान का उत्सव है। यह उन महानुभवों के बलिदान का, सम्मान करने और हमारी लोकतांत्रिक विरासत पर गर्व करने का आह्वान है। जिन्होंने हमारी आजादी के लिए लड़ाई लड़ी। आइए उत्साह, सम्मान और अपनी जिम्मेदारियों के प्रति नई प्रतिबद्धता के साथ जश्न मनाएं। गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर भारत के उज्जवल भविष्य की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने के लिए उन्होंने सभी को प्रेरित करते हुए शुभकामनाएं दी।
इस कार्यक्रम का संचालन तनुश्री मैडम ने किया। =============================== *”हँलो चांदा न्यूज “, करिता जिल्हा प्रतिनिधी, राजूरा ,व गढ़चांदूर, वरोरा तालुका प्रतिनिधींची नियुक्ती करणे आहे. इच्छुक प्रतिनिधीने संपर्क साधावा.* ===============================
*हॅलो चांदा न्यूज,मुख्य संपादक,शशी ठक्कर,*
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