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Home चंद्रपूर *सरकारी नाली के ऊपर अतिक्रमण कर घर की सीढ़िया बनाना गैरकानूनी*

*सरकारी नाली के ऊपर अतिक्रमण कर घर की सीढ़िया बनाना गैरकानूनी*

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                             चंद्रपूर 

              हॅलो चांदा न्युज      ============================                        चंद्रपूर, (वि प्र ),: आजकल लोग लाखों करोड़ों के मकान, बंगला, डुप्लेक्स बनाये जा रहे है।सैकडों हजारों चौरस फुट में मकान बनाये जा रहे हैं। परन्तु अंत मे मुख्य दरवाजे पर आते आते जगह इतना कम पड़ जाता है कि सरकारी जमीन के सड़क और नाली पर घर का ढलान निकालना पड़ जा रहा है। यह गैरकानूनी बांधकाम रिवाज सा बनता जा रहा है।। ऐसा करने वालों सरकारी नाली और गली/सड़क को अपना संपत्ति मान बैठे हैं। जो कि सरासर गलत है। सरकारी नाली, गली और सड़क पर एक ईंट का भी बांधकाम करना अतिक्रमण माना जाता है। इस प्रकार का काम अधिकांश नए मकान बनाने वाले कर रहे हैं। अपने आलीशान मकान सड़क अथवा गली से कई -कई फुट ऊंचाई पर बना रहे हैं और उसे ढलान देने के लिए सरकारी गली और रोड के 8 से 10 फुट कब्जा कर ले रहे हैं। जिसे तुरन्त हटाने की जरूरत है। अन्यथा यह समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ते ही जाएगा।

मनपा और ग्राम पंचायत तुरन्त दखल लें

हजार से 5 हजार चौरस फुट में बड़े और भव्य मकान बनाये जा रहे हैं। मकान मालिक को जगह की कमी नहीं है। जान बूझकर अपने मकान को सड़क से ज्यादा ऊंचाई पर लेते हैं। अपना मकान, दुकान और प्रतिष्ठान जितना चाहे उतना ऊंचाई पर लें, इससे किसी को दिक्कत नहीं है। ढलान देने के लिए नाली और सड़क पर किसी प्रकार का निर्माण कार्य होता है तो मकान मालिक को तत्क्षण नोटिस दिया जाना चाहिए और सप्ताह भर के अंदर में उसे तोड़ देना चाहिए।

यात्रियों के परेशानी

एक नाली से दूसरे नाली तक अथवा फ़ुटपाथ से दूसरे फुटपाथ तक की जगह पर किसी को एक ईंट का भी जुड़ाई करने का अधिकार नहीं है। ऐसा होता है तो मकान मालिक और स्थानीय प्रशासन दोनों जिम्मेदार है। किसी यात्रियों को पैर और नाखून में चोट लगता है तो उसकी भारपाई की जिम्मेवारी उन्हीं दोनों का होगा। बाईक, कार, ट्रक साथ ही पैदल यात्रियों के लिए फ़ुटपाथ और सड़क बनाये गए हैं। ऐसे में कोई अतिक्रमण करता है तो उस पर यथाशीघ्र कार्यवाही होना जरूरी है। अन्यथा स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत ही माना जाएगा।

अतिक्रमण महाबीमारी

अतिक्रमण कोई छोटा मोटा रोग ना होकर महाबीमारी है। लोंग धीरे धीरे अतिक्रमण करते करते आगे बढ़ते जाते हैं। इसका इलाज छोटे छोटे करवाई से नहीं होता है। इसका इलाज ऑपरेशन ही है अन्यथा देखा देखी फैलते ही जाता है। कितना भी बोलो अतिक्रमण करने वाले टस से मस नहीं होते हैं। इसकारण आस पड़ोस में झगड़े भी होते रहते हैं। स्थानीय प्रशासन सख्त निर्णय लें।               ====================    *”हँलो चांदा न्यूज “, करिता जिल्हा प्रतिनिधी, राजूरा ,व गढ़चांदूर, वरोरा तालुका प्रतिनिधींची नियुक्ती करणे आहे. इच्छुक प्रतिनिधीने संपर्क साधावा.*       ====================        *हॅलो चांदा न्यूज,                         मुख्य संपादक:-शशि,ठक्कर,9881277793,*            *कार्यकारी संपादक:- शशिकांत मोकाशे,*                        *उपसंपादक:- विनोद शर्मा,9422168069*

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